जैकब खान की ग़ज़ल
एक ग़ज़ल आप सबके लिए ....
नहीं जिन्दगी भर ख़सारा मिलेगा
हमें भी कभी तो हमारा मिलेगा
कि तूफां कहाँ रोक पाया किसी को
चले हैं अगर तो किनारा मिलेगा
जहाँ से बड़ी और है इक अदालत
वहाँ हर किसी को सहारा मिलेगा
जिसे आशिकी का तजुरबा बहुत है
वही इस जहाँ में बिचारा मिलेगा
हमें तो पता है हमारा मुकद्दर
ख़ुशी हो या गम ढेर सारा मिलेगा
_______________जाकब खान,,,,,
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